अगर पृथ्वी के बाहर ऑक्सीजन नहीं है तो वहां अंतरिक्ष यान कैसे जलता है ? कोई चीज़ बिना ऑक्सीजन के जलेगी या नही ये उसमे उपयोग वाले ईंधन पर निर्भर करता है। अंतरिक्ष यान में विशेष प्रकार का ईंधन प्रयोग होता है, इसके अलावा उनमे बूस्टर लगे होते हैं जो एक कम्प्रेस्ड गैस को बाहर उच्च दबाव के साथ निकलते हैं।
खगोल वैज्ञानिकों ने अंतरिक्ष में ऑक्सीजन के अणु की खोज की है
इस खोज के लिए लंबे अरसे से अंतरिक्ष में खोजबीन कर रहे खगोलवैज्ञानिकों ने अपनी खोज में पाया है कि जहां ऑक्सीजन का एक अकेला अणु मिला है वहीं उसके अन्य अणुओं के साथ भी होने की बात सामने आ रही है
इससे पहले यही ऑक्सीजन जिससे हम सांस लेते हैं वह अंतरिक्ष में कभी यहां नहीं पाया गया था
हर्शेल स्पेस टेलिस्कोप ने इस अणु की तारामंडल के क्षेत्र में में खोज की है
ये शोध विज्ञान की पत्रिका एस्ट्ररोफिज़िक्ल जर्नल में छपेगा
हाइड़्रोजन और हीलियम के बाद ऑक्सीजन तीसरा बड़ा तत्व है जो ब्रह्मांड में मौजूद है
जब हाइड्रोजन और ऑक्सीजन मिल जाते है तो कुछ विशेष परिस्थितियों में पानी का रुप ले लेते हैं और इसी की वज़ह से पृथ्वी पर जीवन संभव है
लेकिन इन दोनों अणुओं का मिश्रण अंतरिक्ष में अब तक नहीं पाया गया है
इससे पहले भी स्वीडिश ओडिन टेलिस्कोप के ज़रिए साल 2007 में भी एस्ट्रोफिज़िक्ल में लेख छपा था जिसमें तारामंडल के आस-पास ऑक्सीजन होने का दावा किया गया था. लेकिन ये ख़ोज स्वतंत्र तौर पर पुष्ट नहीं हो पाई थी
ऑक्सीजन के पूर्ण रुप से ना मिल पाने के कारण उसके धूल के कणों और बर्फ़ के पानी में छिपा होना बताया जा रहा है


तो दोस्तो इस Article में बस इतना ही, उम्मीद है ये Article आपको पसंद आया होगा।

Leave a comment